कल्पना कीजिए कि आपको आपके घर के किसी पुराने संदूक में खजाना मिल जाए। IEPF से Shares निकालना भी बिल्कुल वैसा ही है। सरकार के पास ₹50,000 करोड़ से ज्यादा की लावारिस संपत्ति (Unclaimed Assets) पड़ी है, और हो सकता है कि इसमें आपका भी हिस्सा हो।
Check Your Claim Value
अनुमानित कुल वैल्यू (डिविडेंड के साथ)
*इसमें लगभग 2% वार्षिक लाभांश (Dividend) शामिल है। अस्वीकरण: वास्तविक मूल्य भिन्न हो सकता है।
लेकिन, रुकिए! यह Proccess इतना आसान नहीं है। सरकारी कागजी कार्रवाई, जटिल दस्तावेज, और सख्त नियम... यह रास्ता कांटों भरा हो सकता है। 2025 में MCA के नए नियमों ने प्रक्रिया को डिजिटल तो बना दिया है, लेकिन एक छोटी सी गलती (जैसे नाम में स्पेलिंग मिस्टेक) आपका क्लेम रिजेक्ट करवा सकती है।
क्या आप जानते हैं? (Did You Know?)
कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 124(6) के अनुसार, यदि आपने लगातार 7 वर्षों तक अपना डिविडेंड क्लेम नहीं किया है, तो कंपनी कानूनी रूप से आपके शेयर्स को IEPF अथॉरिटी (भारत सरकार) को ट्रांसफर करने के लिए बाध्य है।
7 साल का नियम
ट्रांसफर होने के लिए जरूरी अवधि।
100% वापसी संभव
आप कभी भी अपनी संपत्ति वापस पा सकते हैं।
1 IEPF से शेयर रिकवरी का 5-Step Smart Timeline
Step 1: MCA V3 पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
सबसे पहले MCA (Ministry of Corporate Affairs) की वेबसाइट पर 'Business User' प्रोफाइल बनाएं। 'Individual' ID से फॉर्म फाइल नहीं होगा।
Step 2: दस्तावेज़ों की तैयारी (सबसे महत्वपूर्ण)
यह "मेक और ब्रेक" स्टेप है। 80% रिजेक्शन यहीं होते हैं। आपको Indemnity Bond, Advance Receipt, और CML जैसे डॉक्यूमेंट्स स्टाम्प पेपर पर तैयार करने होंगे।
Step 3: IEPF-5 फॉर्म ऑनलाइन फाइलिंग
MCA V3 पोर्टल पर IEPF-5 फॉर्म भरें और स्कैन किए हुए डॉक्यूमेंट्स (PDF, max 2MB) अपलोड करें। सबमिशन के बाद SRN (Service Request Number) जनरेट होगा। इसे संभाल कर रखें।
Step 4: हार्ड कॉपी भेजना (Physical Submission)
ऑनलाइन फाइलिंग के बाद, सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और IEPF-5 फॉर्म का प्रिंटआउट कंपनी के 'Nodal Officer' को भेजें। लिफाफे पर "Claim for Refund from IEPF Authority" जरूर लिखें।
Step 5: वेरिफिकेशन और अंतिम अप्रूवल
कंपनी 15-30 दिन में वेरिफिकेशन रिपोर्ट भेजेगी। इसके बाद IEPF अथॉरिटी 60 दिन में फाइनल अप्रूवल देगी। सब सही रहा तो पैसा सीधे आपके बैंक खाते में और शेयर्स डीमैट में आ जाएंगे!
2 "गोल्डन चेकलिस्ट": ज़रूरी दस्तावेज़ (Interactive)
पहचान और पता (KYC)
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PAN कार्ड (Self-attested)
पहचान के लिए अनिवार्य
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Aadhaar कार्ड
पते का प्रमाण
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Client Master List (CML)
DP द्वारा स्टैम्प किया हुआ
कानूनी प्रमाण पत्र
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Indemnity Bond
स्टाम्प पेपर पर
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Advance Receipt
रेवेन्यू स्टाम्प के साथ
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Original Shares
यदि फिजिकल हैं
कागजी कार्रवाई में उलझ गए हैं?
दस्तावेजों में छोटी सी गलती आपके क्लेम को महीनों लटका सकती है। हमारे एक्सपर्ट्स पर छोड़ दें - एफिडेविट ड्राफ्टिंग से लेकर नोडल ऑफिसर से फॉलो-अप तक, हम सब संभाल लेंगे।
3 क्लेम रिजेक्ट होने के प्रमुख कारण (Mistake Matrix)
| गलती (Mistake) | क्यों होती है? | सही तरीका (The Fix) |
|---|---|---|
| हस्ताक्षर मिलान न होना | पुराने रिकॉर्ड्स में हस्ताक्षर अलग होना। | पुरानी चेक/बैंक से वेरीफाई करें। |
| नाम में अंतर (Name Mismatch) | R.K. Sharma vs Rajesh Kumar Sharma | एफिडेविट या राजपत्र (Gazette) गजट नोटिफिकेशन बनवाएं। |
| पता (Address) न बदलना | कंपनी के पास पुराना पता होना। | नया Aadhaar/Passport दें। |
| अधूरी गवाह (Witness) जानकारी | गवाह का ID या हस्ताक्षर न होना। | गवाह के पूरे ID प्रूफ के साथ साइन करवाएं। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या मैं बिना डीमैट खाते के शेयर क्लेम कर सकता हूँ?
नहीं। MCA के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार, फिजिकल शेयरों को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। आपको एक डीमैट खाता खोलना होगा और क्लेम आवेदन के साथ CML (Client Master List) प्रदान करनी होगी।
पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
आमतौर पर, इसमें 3-6 महीने लगते हैं। कंपनी वेरिफिकेशन के लिए 15-30 दिन लेती है, और IEPF अथॉरिटी 60 दिन। हालांकि, दस्तावेजों में गड़बड़ी होने पर यह समय अनिश्चित काल तक बढ़ सकता है।
अगर मूल शेयरधारक की मृत्यु हो गई है तो क्या करें?
कानूनी वारिस (Legal Heir) को पहले 'Transmission of Shares' प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, और उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) की आवश्यकता होगी। इसके बाद ही वारिस IEPF क्लेम फाइल कर सकता है।